Nostri consocii (Google, Affilinet) crustulis memorialibus utuntur. Concedis, si legere pergis.
 
 
 

Sprachkurs für Altgriechisch

 

nach dem griech. Übungsbuch von Dr. G. Salomon, Lpz., Berl. 1933, erarbeitet von E. Gottwein

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Einstieg

   
  1. Κῦρος ἥσθη, ἐπεὶ ἐπύθετο
    1. βασιλέα προσελαύνοντα.
    2. ὅτι βασιλεὺς προσήλαυνεν.
    3. ὅτι βασιλεὺς προσελαύνοι.
  2. Οἱ Ἕλληνες ἔγνωσαν ἀδύνατοι ὄντες τὸν ποταμὸν διαβῆναι.
  3. Σύνοιδα ἐμαυτῷ ἐψευσμένος (ἐψευσμένῳ) τὸν ἑταῖρον.
  4. Ἀκούω τοῦ φίλου βοῶντος.
  5. Ἀκούω σε ἐν ἀπορίᾳ ὄντα.
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Einstieg - Lösung

   
  1. Kyros freute sich, als er erfuhr, das der Großkönig heranrückte.
  2. Die Griechen erkannten, dass die nicht in der Lage waren, den Fluss zu durchschreiten.
  3. Ich bin mir bewusst, meinen Gefährten belogen zu haben.
  4. Ich höre meinen Freund schreien [dass (wie) mein Freund schreit].
  5. Ich höre, dass du in Not bist.

Grammatik

Zusammenfassung

λέγω

ἡγέομαι, νομίζω ἀκούω, γιγνώσκω
NS
ὅτι (ὡς) ---- ὅτι (ὡς)
AcI / Inf.
gleich.Sbj.
Inf.
Inf.
Part.
NcP
versch.Sbj.
AcI
AcI
GcP
DcP
AcP
AcI
Negation:
οὐ οὐ οὐ
Verben (Beispiele)
λέγω, (φημί, οὔ φημι,) μυθολογέω, ἀγγέλλω, γράφω, ὁμολογέω, ἀποκρίνομαι, ἀπαγγέλομαι νομίζω, οἴομαι, ἡγέομαι, εἰκάζω, ὑποπτεύω, ἐλπίζω, (λέγω, φημί - ich meine) ὁράω, αἰσθάνομαι, ἀκούω, οἶδα, σύνοιδα ἐμαυτῷ, πυνθάνομαι, γιγνώσκω, μνημονεύω, εὑρίσκω, ἐπιλανθάνομαι

Einige Stammformen zum Lernen

1 πυνθάνομαι, πεύσομαι, ἐπυθόμην, πέπυσμαι erforsche, erfrage, erfahre
2 γιγνώσκω, γνώσομαι, ἔγνων, ἔγνωκα, ἔγνωσμαι, ἐγνώσθην, γνωσθήσομαι erkenne, erfahre, verstehe, beschließe
3 ψεύδομαι, ψεύσομαι, ἐψευσάμην, ἔψευσμαι lüge
4 κλέπτω, κλέψω (κλέψομαι), ἔκλεψα, κέκλοφα, κέκλεμμαι, ἐκλάπην, - stehle, betrüge
5 ἀποθνῄσκω, ἀποθανοῦμαι, ἀπέθανον, τέθνηκα sterbe, werde getötet
6 ἀποκρίνομαι, ἀποκρινοῦμαι, ἀπεκρινάμην, ἀποκέκριμαι gebe Bescheid, antworte

Regeln

  1. Zur Satzlehre (Syntax):
    1. ὁ ἄγγελος ἔφη τεθνάναι αὐτῷ (τῷ Ἀναξαγόρᾳ) ἀμφοτέρους τοὺς παῖδας - der Bote sagte, dass ihm (dem Anaxagoras) seine beiden Söhne tot seien.
      1. Der Dativus ethicus Verweis auf die Grammatik drückt in Verbindung mit dem Personalpronomen der 1. und 2. (selten der 3.) Person ohne syntaktische Einbindung nur die innere Anteilnahme (emotionale Betroffenheit) aus.
      2. die dritte Person αὐτῷ ist hier nicht auffällig, weil im direkten Satz die 2. Person stehen würde: ὁ ἄγγελος ἔφη· "ἀμφότεροι οἱ παίδες σοι τεθνᾶσιν."
    2. Ein abhängiger Aussagesatz:
      1. Hier wird die Konstruktion nach Verben der Wahrnehmung zusammengefasst.
      2. Zur Wiederholung die Tabelle aus Lektion 69 (erweitert um οἶδα, σύνοιδα ἐμαυτῷ und den Irrealis der Gegenwart):
        Beispielsätze zu den Regeln

        λέγω

        ἡγέομαι, νομίζω ἀκούω, οἶδα, γιγνώσκω
        NS
        Modus der dir. Aussage λέγω, ὅτι (ὡς) φίλος ἐστίν ---- ἀκούω (οἶδα, πυνθάνομαι), ὅτι (ὡς) φίλος ἐστίν
        λέγω, ὅτι (ὡς) φίλος ἂν εἴη ἀκούω (οἶδα, πυνθάνομαι), ὅτι (ὡς) φίλος ἂν εἴη
        λέγω, ὅτι (ὡς) φίλος ἂν ἦν ἀκούω (οἶδα, πυνθάνομαι), ὅτι (ὡς) φίλος ἂν ἦν
        Opt.obl. ἔλεγον, ὅτι (ὡς) φίλος εἴη (ἐστίν) ---- ἤκουον (ᾔδη, ἐπυθόμην), ὅτι (ὡς) φίλος εἴη (ἐστίν)
        Akt.
        gleich.Sbj.
        λέγω φίλος εἶναι
        ἡγοῦμαι φίλος εἶναι
        ἀκούω (οἶδα,πυνθάνομαι) φίλος ὤν
        σύνοιδα ἐμαυτῷ φίλῳ ὄντι (φίλος ὤν)
        οἶδα, γιγνώσκω φίλος εἶναι
        versch.Sbj.
        λέγω φίλον αὐτὸν εἶναι
        ἡγοῦμαι φίλον αὐτὸν εἶναι
        ἀκούω αὐτοῦ λέγοντος
        ἀκούω (οἶδα,πυνθάνομαι) αὐτὸν φίλον ὄντα
        ἀκούω (πυνθάνομαι) αὐτὸν φίλον εἶναι
        Pass.
        pers.
        λέγομαι φίλος εἶναι
        νομίζομαι φίλος εἶναι
        γιγνώσκομαι (ἀκούω!) φίλος ὤν
        unpers.
        λέγεται ἐμὲ φίλον εἶναι
        νομίζεται ἐμὲ φίλον εἶναι  
        Negation:
        οὐ οὐ οὐ
        Verben
        λέγω, (φημί, οὔ φημι,) φάσκω, μυθολογέω, ἀγγέλλω, γράφω, ὁμολογέω, ἀποκρίνομαι, ἀπαγγέλομαι νομίζω, οἴομαι, ἡγέομαι, εἰκάζω, ὑποπτεύω, ἐλπίζω, (λέγω, φημί - ich meine) ὁράω, αἰσθάνομαι, ἀκούω, οἶδα, σύνοιδα ἐμαυτῷ, πυνθάνομαι, γιγνώσκω, μνημονεύω, εὑρίσκω, ἐπιλανθάνομαι
        1. Verben der Wahrnehung (verba sentiendi)
          1. Satz mit ὅτι oder ὡς
            1. Es stehen Modus und Tempus der direkten Aussage
              1. realis: Ind.
              2. potentialis: Opt. + ἄν
              3. irrealis d. Ggw.: Impf. + ἄν
            2. nach Nebentempus statt des Indikativs auch optativus obliquus (innere Abhängigkeit).
          2. prädikatives Partizip (L.69)
            1. NcP: Im Aktiv und Passiv bei gleichem Subjekt. L.44;
            2. AcP: Im Aktiv, wenn man indirekt (von anderen) etwas (als Tatsache) erfährt. L.49; L.57;
            3. GcP: bei αἰσθάνομαι, ἀκούω zum Ausdruck einer direkten sinnlichen Wahrnehmung. L.53;
          3. AcI
            1. bei gerüchtweisem Hören, Erfahren, Wahrnehmen.

Lektüre

 
Ἀποφθέγματα


  1. Ἀναξαγόρᾳ τις τῷ φιλοσόφῳ προσελθὼν ἔφη τεθνάναι αὐτῷ ἀμφοτέρους τοὺς παῖδας. Ὁ δ’ οὐδὲν διαταραχθεὶς εἶπεν· "ᾜδη θνητοὺς γεννήσας."
  2. Νεανίας τις πρὸς Σωκράτη εἶπεν· "Πένης εἰμὶ καὶ ἄλλο μὲν οὐδὲν ἔχω, δίδωμι δέ σοι ἐμαυτόν." Ὁ δὲ Σωκράτης· "Ἆρ’ οὖν", ἔφη, "οὐκ οἶσθα, τὰ μέγιστά μοι διδούς;"
  3. Διογένης ἰδών ποτε τοὺς ταμίας ἄνδρα τινὰ φιάλην κεκλοφότα ἄγοντας ἔφη· "Οἱ μεγάλοι ἀπάγουσι τὸν μικρόν."
  4. Σχολαστικὸς ἀπαντήσας φίλῳ τινί· "Ἤκουσα," ἔφη, "ὅτι ἀπέθανες." Ὁ δ’ ἀπεκρίνατο· "Ἀλλ’ ὁρᾷς με ζῶντα." Καὶ ὁ σχολαστικός· "Καὶ μὴν ὁ εἰπών μοι ἀξιοπιστότερος σοῦ ἦν."
 
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Lektüre - Lösung

 
Aussprüche


  1. Jemand ging zu dem Philosophen Anaxagoras hin und (Part.) sagte, dass ihm seine beiden Söhne tot seien. Der aber verlor keineswegs die Fassung, sondern (Part.) sagte: "Ich wusste, dass ich Sterbliche gezeugt hatte."
  2. Ein Jüngling sagte zu Sokrates: "Ich bin arm und habe nichts anderes, aber ich gebe dir mich selbst." Darauf sagte Sokrates: "Weißt du nicht, dass du mir das Größte gibst?"
  3. Als Diogenes einst die Schatzmeister einen Mann abführen sah, der eine Schale gestohlen hatte, sagte er: "Die Großen führen den Kleinen ab."
  4. Ein Stubengelehrter begegnete einem Freund und (Part.) sagte: "Ich habe gehört, dass du gestorben bist." Der aber antwortete: "Aber du siehst doch, dass ich lebe." Und der Stubengelehrte: "Allerdings war mir der, der es sagte, glaubwürdiger als du."
 

Übung

Übersetze ins Griechische:
Der tapere Xenophon
  1. Gryllos, Xenophons Sohn, soll in der Schlacht bei Mantineia gefallen sein.
  2. Zu eben dieser Zeit nun soll Xenophon mit einem Kranz angetan beim Opfern gewesen sein.
  3. Als er hörte, dass sein Sohn gefallen war, setzte er den Kranz ab.
  4. Als aber der Bote sagte, Gryllos sei in tapferem Kampf (Part.) gefallen, bekränzte er sich wieder.
  5. Die anderen nun wunderten sich, dass sie ihn nicht weinen sahen, er aber sagte: "Ich wusste, dass ich einen Sterblichen gezeugt hatte."
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Übung - Lösung

Übersetze ins Deutsche:
Περὶ τῆς Ξενοφῶντος ἀνδρείας
  1. Γρύλλος ὁ Ξενοφῶντος ἐν τῇ περὶ Μαντίνειαν μάχῃ λέγεται τελευτῆσαι (ἀποθανεῖν, πεσεῖν).
  2. Τηνικαῦτα δὴ τὸν Ξενοφῶντα θύειν φασὶν ἐστεφανωμένον.
  3. Τελευτήσαντα (ἀποθανόντα, πεσόντα) δ’ ἀκούσας τὸν υἰὸν ἀπεστεφανώσατο.
  4. Τοῦ δ’ ἀγγέλου, ὄτι Γρύλλος ἰσχυρῶς (ἀνδρείως) ἀγωνισάμενος ἔπεσεν (πέσοι), [ἀνδρείως ἀγωνισάμενον Γρύλλον πεσεῖν] εἰπόντος πάλιν ἐστεφανώσατο.
  5. Οἱ μὲν ἄλλοι οὖν αὐτὸν δακρῦσαι οὐχ ὁρῶντες ἐθαύμαζον, αὐτὸς δέ· "Ἤδειν," ἔφη, "θνητὸν γεγεννηκώς (ὅτι θνητὸν ἐγεγεννήκη)".

Wortkunde

Sachinformationen zu:
Anaxagoras, Gryllos, Mantineia
Hinweise SaveToDisk LoadFromDisk SetTags ToggleTags SetTags ShowTags WindowList WindowList Randomize AlphabetizeR AlphabetizeL
Einstellung:
Griech.
Deutsch
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Mit freundlichem Einverständnis des Autors Andy Lyons
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